भारत ने मालदीव को दी कड़ी चेतावनी

नयी दिल्ली 20 फरवरी : मालदीव में राजनीतिक संकट के दौरान हिन्द महासागर में चीनी युद्धपाेत के प्रवेश की रिपोर्टों के बीच भारत ने मालदीव सरकार को आज चेतावनी दी कि वह देश में आज शाम आपातकाल समाप्त होने के बाद विपक्षी नेताओं को रिहा करके राजनीतिक प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बहाल करे। विदेश मंत्रालय ने आज यहां एक बयान में कहा, "मालदीव में पांच फरवरी को लगाया गया आपातकाल आज शाम को खत्म हो रहा है। हमारी अपेक्षा है कि मालदीव सरकार आपातकाल को आगे नहीं बढ़ाएगी ताकि देश में राजनीतिक प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बहाल हो सके।" बयान में कहा गया कि आपातकाल समाप्त होने के बाद न्यायपालिका सहित सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को संविधान के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से काम करने की इजाज़त दी जानी चाहिए तथा मालदीव के सुप्रीम कोर्ट के एक फरवरी के आदेश को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। भारत ने कहा, " यह बहुत महत्वपूर्ण है कि मालदीव लोकतंत्र एवं कानून के शासन के मार्ग पर तुरंत लौटे ताकि वहां की जनता की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दूर किया जा सके।" भारत की ओर से यह कड़ा बयान उन रिपोर्टों के बीच अाया है जिनमें कहा गया है कि चीन ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में हस्तक्षेप करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया को मालदीव से दूर रखने के मकसद से अपना युद्धपोत हिंद महासागर में तैनात किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञाें का मानना है कि चीन ने अपनी नौसेना की तैनाती भारत को मालदीव में हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए की है। इस छोटे द्वीपीय देश के लिए चीन के पास कुछ बड़ी योजनाएं हैं और वह स्थानीय लोगों को इसमें शामिल नहीं करना चाहता है।
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