वित्त वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.95 लाख करोड़ रुपये पर

नयी दिल्ली, दो अप्रैल( भाषा) कर दायरे में करीब एक करोड़ नये करदाताओं के जुड़ने से वित्त वर्ष2017-18 में आयकर संग्रह9.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह9.80 लाख करोड़ रुपये के बजटीय लक्ष्य की तुलना में अधिक है। हालांकियह वित्त वर्ष2018-19 के बजट में तय संशोधित लक्ष्य10.05 लाख करोड़ रुपये कोअभी नहीं छूसका है। सरकार को उम्मीद है कि अभी और संग्रह आने के साथ इस के निकट तक पहुंचा जा सकता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड( सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्र ने कहा कि अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष2017-18 में9.95 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ है। यह वित्त वर्ष2016-17 की तुलना में17.1 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने संवाददाताओं से यहां कहा, ‘‘ हमने पहले ही बजट के अनुमान को पार कर लिया है और अब संशोधित लक्ष्य को पाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। आज के आंकड़ें प्राथमिक हैं, अभी और कर संग्रह आने की उम्मीद है।’’ प्रत्यक्ष कर संग्रह के10.05 लाख करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य के काफी आक्रामक होने के बाबत पूछे जाने पर वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा, ‘‘ हमें लक्ष्य तय करने में हमेशा आक्रामक होना चाहिए।’’ राजस्व सचिव का पद भी संभाल रहे अधिया ने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि9.95 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। अगले3-4 दिनों में कम- से- कम5,000 करोड़ रुपये और आएंगे। यदि हम10 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल कर लें तो यह मील का पत्थर होगा।’’ इस दौरान कॉरपोरेट आयकर में17.1 प्रतिशत तथा निजी आयकर में18.9 प्रतिशत तेजी आयी है। आयकर रिटर्न( आईटीआर) में इस दौरान26 प्रतिशत वृद्धि आयी है। वित्त वर्ष2016-17 में5.43 करोड़ आईटीआर दायर किये गये थे जो वित्त वर्ष2017-18 में बढ़कर6.84 करोड़ पर पहुंच गये। इनमें से6.74 करोड़ आईटीआर ऑनलाइन दायर किये गये। आईटीआर दायर करने के अंतिम दिन यानी30-31 मार्च के दौरान56 लाख आईटीआर दायर किये गये।’’ चंद्र ने कहा, ‘‘ यह हमारे विभाग द्वारा लोगों को लगातार अवगत कराने से हुआ है। हमने अपने पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भारी संख्या में एसएमएस एवं ईमेल भेजे। इसी कारण नये करदाता जुड़े और विभाग की कोशिशों के बल पर करीब13 हजार करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ।’’ उन्होंने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए कहा कि आईटीआर की संख्या2013-14 के3.79 करोड़ की तुलना में2017-18 में80.5 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने वित्त वर्ष के दौरान करीब एक करोड़ नये करदाता जुड़े और यह विभाग एवं सरकार के लिए शानदार उपलब्धि है।
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