क्या आपके भाग्य में है सुंदर पत्नी और अमीर ससुराल, ऐसे करें मालूम ?

अहमदाबाद : अप्रैल 04, ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कुल 12 भाव होते हैं और सभी भाव अलग-अलग बातों के कारक हैं। कुंडली का सप्तम भाव से व्यक्ति के विवाह, जीवन साथी, ससुराल से धन प्राप्ति, विदेश यात्रा आदि बातों पर विचार किया जाता है। कुंडली के सप्तम भाव के आधार पर यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार किसी व्यक्ति का वैवाहिक जीवन कैसा हो सकता है...

1.यदि व्यक्ति की कुंडली कुंभ लग्न की हो और सूर्य पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो विवाह अमीर घराने में होता है।

2.यदि कुंडली के सप्तम भाव में वृष राशि हो और शुक्र तथा चंद्र सम राशियों में हो तो व्यक्ति को सुंदर जीवन साथी मिलता है।

3.यदि सप्तम भाव पर सप्तम भाव के स्वामी, शुक्र पर चतुर्थ भाव के स्वामी और चंद्र का प्रभाव हो तो व्यक्ति का विवाह माता पक्ष यानी ननिहाल के किसी रिश्तेदार से होने की संभावना होती है।

4.यदि सप्तम भाव के स्वामी पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो और शुक्र अपनी उच्च राशि में या स्वराशि में हो तो व्यक्ति की शादी 18, 19 या 20 की उम्र में हो जाती है।

5.कुंडली में सूर्य सप्तम भाव में हो और सप्तम भाव का स्वामी शुक्र के साथ हो तो व्यक्ति की शादी कम आयु में हो जाती है।

6.यदि शुक्र लग्न से केंद्र में हो और शुक्र से शनि सप्तम भाव में तो व्यक्ति का विवाह 22 से 28 वर्ष के बीच होता है।

7.यदि सप्तम भाव के स्वामी और लग्न भाव के स्वामी का राशि परिवर्तन योग हो या एक-दूसरे को देखते हों तो विवाह कम आयु में होता है।

8.यदि शुक्र सप्तम या नवम भाव में हो और शुक्र से सप्तम भाव का स्वामी सप्तम भाव में हो तो विवाह 27 से 30 वर्ष की उम्र में होता है।

 9.यदि कुंडली में अष्टम भाव का स्वामी अष्टम में हो तथा लग्न भाव का स्वामी शुक्र के साथ हो तो व्यक्ति की शादी 25वें वर्ष में होती है।
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