फण्ड दुरूपयोग के मामले में तीस्ता के बयान दर्ज

अहमदाबाद, 06 अप्रैल (वार्ता) : विवादास्पद सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद ने गुजरात दंगा पीड़ितों तथा गुजरात और महाराष्ट्र के गरीब बच्चों की मदद के नाम पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मिले लगभग एक करोड़ 40 लाख के कोष के दुरूपयोग को लेकर हाल में उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में आज यहां क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होकर अपना बयान कलमबंद कराया। दोनो के बयान दर्ज करने की कार्यवाही छह घंटे से भी अधिक समय तक चली। यहां आने से पहले ही दोनो ने बांबे हाई कोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए अंतरिम आदेश हासिल कर लिया था। श्रीमती सीतलवाड़ के ही पूर्व सहयोगी रईस खान की शिकायत पर यह मामला पिछले सप्ताह यहां क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया था। क्राइम ब्रांच के उपायुक्त दीपेन भद्रन ने यूनीवार्ता को बताया कि बयान दर्ज कराने के लिए श्रीमती सीतलवाड़ और उनके पति दोनो यहां इसके कार्यालय में उपस्थित हुए। सहायक आयुक्त सी एम राजपूत ने उनके बयान कलमबंद किये1 बांबे हाई कोर्ट ने गत बुधवार को इस मामले में दोनो की गिरफ्तारी पर दो मई तक अंतरिम रोक लगा दी थी। यह मामला दोनो के खिलाफ उनके एनजीओ सबरंग ट्रस्ट के निदेशक के तौर पर दर्ज किया गया है। रईस खान ने आरोप लगाया था कि इस एनजीओ ने 2008 से 2014 के बीच फर्जी ढंग से दंगा पीड़ितों और बच्चों की मदद के नाम पर एक करोड़ 40 लाख रूपये केंद्रीय मंत्रालय से हासिल किये थे। इसका निजी और अन्य बेजा इस्तेमाल किया गया। इसके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 403 (बदनीयती से संपत्ति की हेराफेरी), 406 तथा 409 (आपराधिक विश्वास-भंग) के तहत दोनो और सबरंग ट्रस्ट के अन्य निदेशकों और मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ गत शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया था।
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