भूमि विकास निगम छापेमारी- एमडी देत्रोजा की मुख्य भूमिका, परमार करता था रिश्वत वसूली

अहमदाबाद, 13 अप्रैल (वार्ता) : गुजरात पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आज बताया कि राजधानी गांधीनगर के सेक्टर 10 स्थित राज्य भूमि विकास निगम के कार्यालय पर छापेमारी के दौरान कल रात पांच अधिकारियों के कार्यालय से 56 लाख से अधिक की नकदी के बाद आज इनके आवास से भी लाखों की संपत्ति का पता लगा जबकि इस प्रकरण में प्राथमिक दृष्टया मुख्य भूमिका प्रबंध निदेशक एस के देत्रोजा अौर सहायक निदेशक के सी परमार की लगती है। एसीबी के डीएसपी डी पी चूडासमा ने आज रात पत्रकारों को बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा में रखे गये श्री परमार, जिनके कार्यालय से सर्वाधिक 40,52,500 की नकदी बरामद हुई थी, के श्री देत्रोजा के लिए पिछले दो साल से रिश्वत लेने का पता चला है। यह रिश्वत विभिन्न सरकारी योजनाओं में आयोग की ओर से ग्रांट की मंजूरी के एवज में ली जाती थी। उन्होने बताया कि श्री देत्रोजा के कार्यालय से कल रात 128000 की बिन हिसाबी नकदी के अलावा 30 हजार से अधिक का स्वर्ण आभूषण मिला था। सहायक निदेशक एम के देसाई के कार्यालय से नौ लाख रूपये मिले थे और आज उनके घर की तलाशी के दौरान 70 लाख से अधिक कीमत के घरेलू सामान, फर्नीचर और सोने के 2 बिस्कुट और आभूषण आदि मिले हैं। फील्ड सुपरवाइजर एस एम वाघेला के कार्यालय से पांच लाख की नकदी जबकि कंपनी सेक्रेटरी एस वी शाह के कार्यालय से 70 हजार की नकदी मिली थी। श्री चूडासमा ने बताया कि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गयी है। गांधीनगर के एसीबी थाने में इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक कानून 1988 की धारा 8, 10 और 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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