कल है मंगलवार और अमावस्या का योग, भूलकर भी न करें ये काम वरना दुःख और दरिद्रता देगी दस्तक

अहमदाबाद : मई 14, 15 मई, मंगलवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या है। इसी दिन शनि जयंती भी है। मंगलवार, अमावस्या और शनि जयंती के योग में अशुभ काम करने से घर की गरीबी दूर नहीं हो पाती है। मान्यता है कि अमावस्या पर देवी-देवताओं के साथ ही पितर देवताओं के लिए पूजा-पाठ करने से दुर्भाग्य दूर हो सकता है और अशुभ काम करने से भगवान के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है। अमावस्या पर कौन-कौन से काम करने से बचना चाहिए...



पहला काम



शनि जयंती और अमावस्या की सुबह देर तक सोने से बचें। इस दिन जल्दी उठें। पानी में काले तिल डाल कर स्नान करें। इसके बाद घर के मंदिर में अन्य देवी-देवताओं के साथ ही शनिदेव की पूजा करें।



दूसरा काम



अमावस्या की रात नकारात्मक शक्तियां ज्यादा सक्रिय रहती हैं। जो कमजोर इच्छाशक्ति वाले रहते हैं या जिनकी कुंडली ग्रहण योग होता है, वे नकारात्मकता के प्रभाव में जल्दी आ जाते हैं। इसीलिए इस रात में श्मशान या किसी भी सुनसान जगह पर जाने से बचना चाहिए। नकारात्मकता हावी होने से मानसिक परेशानियां हो सकती हैं।



तीसरा काम



पं. शर्मा ने बताया कि अमावस्या पर पति-पत्नी को दूरी बनाकर रखना चाहिए। इस रात में बने संबंध से जो संतान पैदा होती है, उसका जीवन सुखी नहीं रह पाता है।



चौथा काम



अमावस्या पर घर में पितर देवताओं का आगमन होता है, इस कारण घर में शांति बनाए रखना चाहिए। इस दिन वाद-विवाद न करें, अगर घर में अशांति होगी तो पितर देवताओं की कृपा नहीं मिल पाएगी। अमावस्या पर पितरों के लिए धूप-दीप जलाना चाहिए।



पांचवां काम



 शनिदेव गरीबों का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे ऐसे लोगों को क्षमा नहीं करते हैं जो गरीबों को सताते हैं। इस कारण शनि जंयती पर किसी गरीब का अपमान न करें। गरीबों को मदद करें।


 
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