पाकिस्तान की गोलीबारी में बीएसएफ के सहायक कमांडेंट समेत चार जवान शहीद

जम्मू , 13 जून (भाषा) जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से की गयी गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक सहायक कमांडेंट रैंक के अधिकारी समेत इसके चार कर्मी शहीद हो गए और तीन अन्य घायल हो गए। बीएसएफ ने बताया कि हाल में सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक में संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी। बीएसएफ ने इसका सम्मान किया , लेकिन पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। हाल में प्राप्त आंकड़े में यह खुलासा हुआ है कि जम्मू कश्मीर में वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के पास गोलीबारी की घटनाओं में इस साल अब तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 11 जवान शहीद हो चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले पांच सालों में इस अवधि के दौरान सबसे ज्यादा है। बीएसएफ की पश्चिम कमान के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के . एन . चौबे ने आज यहां संवाददाताओं को बताया , ‘‘ चूंकि संघर्ष विराम जारी है ... ऐसे समय में हम अपने रक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं। रक्षा सामग्री के साथ एक टीम जा रही थी। तभी पाकिस्तान ने संघर्ष विराम उल्लंघन करते हुए उनके ऊपर गोलीबारी की और मोर्टार दागे। इसी के चलते जवान शहीद हुए। ’’ उन्होंने बताया कि उन्हें निकाल कर सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिये सहायक कमांडेंट जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में बीएसएफ की एक अन्य टीम भेजी गयी लेकिन उनके ऊपर पाकिस्तान के असरफ पोस्ट से दागे गए मोर्टार का एक गोला बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) चांबिलियल में उनके पास फटा। इसके नतीजतन सैन्यकर्मियों की शहादत हुई। बीएसएफ के एडीजी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ‘‘ संघर्ष विराम की जो घोषणा हुई एवं जिस पर सहमति बनी , उसका सम्मान होना चाहिए। ’’ उन्होंने कहा , ‘‘ हमने इसका सम्मान किया जबकि पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया। पाकिस्तान जो करता है वह उसका मामला है और हम कैसे इसका मुंहतोड़ जवाब देते हैं , यह हमारा काम है। ’’ यह पूछे जाने पर कि क्या बीएसएफ इस पर विरोध दर्ज करायेगी , उन्होंने कहा , ‘‘ जाहिर तौर पर , ऐसा होगा। ’’ उन्होंने कहा कि इसमें पाकिस्तान के विशेष बल बैट की किसी संलिप्तता के बारे में कहना अभी जल्दबाजी होगी। बीएसएफ (जम्मू फ्रंटियर) के महानिरीक्षक (आईजी) राम अवतार ने पीटीआई - भाषा को बताया , ‘‘ पाकिस्तानी रेंजर्स ने कल रात सीमा पार से रामगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की। हमने एक सहायक कमांडेंट रैंक के अधिकारी समेत चार सुरक्षाकर्मियों को खो दिया है जबकि हमारे तीन जवान घायल हो गए। ’’ जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद्य ने ट्वीट कर इस घटना पर शोक जताया। उन्होंने कहा , ‘‘ अंतरराष्ट्रीय सीमा के रामगढ़ सेक्टर में एक सहायक कमांडेंट समेत बीएसएफ के चार कर्मी शहीद हो गये और सीमा पार से हुई गोलीबारी में तीन जख्मी हो गये। ’’ बीएसएफ ने एक बयान में कहा , ‘‘ रात करीब नौ बजकर 40 मिनट पर पाक रेंजर्स ने असरफ पोस्ट से बिना किसी उकसावे के हमारी सीमा चौकी चमलियाल को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू की। ’’ बयान के अनुसार , ‘‘ बिना किसी उकसावे की इस गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए सहायक कमांडेंट जितेन्द्र सिंह , एसआई रजनीश , एएसआई रामनिवास और कांस्टेबल हंसराज शहीद हो गये। तीन अन्य जवान घायल हो गये। बीएसएफ के घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ’’ जितेन्द्र सिंह राजस्थान में जयपुर के रहने वाले हैं, रजनीश कुमार उत्तर प्रदेश में एटा के रहने वाले हैं, राम निवास सीकर से और हंसराज गुर्जर राजस्थान में अलवर के रहने वाले हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने का अनुरोध करते हुए बताया कि रामगढ़ सेक्टर के बीओपी चमलियाल इलाके में सीमापार से गोलीबारी कल रात करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई और तड़के साढ़े चार बजे तक जारी रही। अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ जवानों ने भी गोलीबारी का जवाब दिया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस महीने संघर्ष विराम उल्लंघन की यह दूसरी बड़ी घटना है और 29 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 2003 के संघर्षविराम समझौते को अक्षरश : लागू करने पर राजी होने के बावजूद यह घटना हुई है। गत तीन जून को प्रागवाल , कानाचक और खौर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की भारी गोलाबारी और गोलीबारी में एक सहायक उप निरीक्षक समेत बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे और दस लोग घायल हो गए थे।
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