भारत के 2030 तक 10,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद: गर्ग

नयी दिल्ली , 14 जुलाई (भाषा) आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था नयी " ऊंचाइयां " छूने के लिए तैयार है। साथ ही 2030 तक 10,000 अरब डॉलर की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ इसके दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। गर्ग ने कहा , " अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर काफी अच्छा काम हो रहा है और अच्छे दिन आने वाले हैं। हमारी अर्थव्यवस्था ऊंची उड़ान के लिये तैयार है , जहां भारतीय अपना सिर गर्व से उठा सकते हैं। " गर्ग ने आज यहां भारतीय लागत - लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के प्लेटिनम जुबली समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले 40 वर्षों में देश की आर्थिक वृद्धि दर मुश्किल से 3 से 4 प्रतिशत थी , जो आज 7-8 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि 2030 तक हम 10,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था होने की उम्मीद कर सकते हैं। यह एक चुनौती है। साथ ही यह हमारे लिए एक अवसर भी है। गर्ग ने कहा , " आठ प्रतिशत की वृद्धि दर बिल्कुल हासिल की जा सकती है ... अगर हम इसे हासिल कर लेते हैं तो ... हम 10,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद कर सकते हैं। उस समय भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। " उनका यह बयान ऐसे समय आया जब भारत फ्रांस को पछाड़ कर दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। विश्वबैंक के आंकड़ों के मुताबिक , वर्ष 2017 में भारत 2590 अरब डालर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश रहा और फ्रांस को सातवें स्थान पर खिसका दिया है। आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा , " हमें 2022 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के 1,000 अरब डॉलर की डिजीटल अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद और आगे चलकर 2030 तक डिजीटल अर्थव्यवस्था के कुल अर्थव्यवस्था की आधी हो जायेगी। "
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