फार्मलिन वाली मछलियों का मुद्दा पर्यटन उद्योग को प्रभावित कर रहा है :पर्रिकर

पणजी , 23 जुलाई (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि मछलियों को फार्मलिन रसायन में रखे जाने का मुद्दा राज्य में पर्यटन उद्योग को प्रभावित कर रहा है। पर्रिकर ने राज्य विधानसभा में कहा कि पर्यटकों ने इस तटीय राज्य में ठहरने के दौरान मछलियां खाना बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सदन में भाजपा विधायक नीलेश कबराल और कांग्रेस विधायक एलेक्सियो आर . लॉरेंसो के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए यह बात कही। गौरतलब है कि फार्मलिन एक रसायन है , जिसका इस्तेमाल मुर्दाघरों में शवों को सुरक्षित रखने और उन्हें सड़ने गलने से बचाने के लिए किया जाता है। पर्रिकर ने कहा कि मछलियों में फार्मलिन की मौजूदगी के बारे में गैर जिम्मेदाराना बयानों ने पर्यटन उद्योग पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा , ‘‘ आज मुझे पर्यटन विभाग ने बताया कि गोवा में ठहरने के दौरान पर्यटकों ने मछली खाना बंद कर दिया है। ’’ विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर पिछले हफ्ते से सदन की कार्यवाही बाधित कर रही है। इस मुद्दे पर एक स्थगन प्रस्ताव के लिए विपक्ष के जोर देने पर आज सदन में हंगामा भी देखने को मिला। पर्रिकर ने कहा कि सरकार ने जब से मछलियों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है , तब से इसकी कीमतें बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि वह सदन के सभी सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए। सरकार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर अत्यधिक चिंतित है। उन्होंने कहा कि गोवावासियों के मन से भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए सरकार ने राज्य के बाहर से लाई गई ताजी मछलियों के भंडारण , वितरण या बिक्री पर 18 जुलाई से 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया है। अन्य राज्यों से लाई जाने वाली मछलियों में फार्मलिन की पुष्टि गोवा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा किए जाने के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि प्रतिबंध के चलते राज्य की सीमा चौकियों पर पुलिस ने परिवहन विभाग की मदद से मछली से भरे नौ ट्रकों को प्रवेश करने से रोक दिया। भाषा
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