आज से शुरू हुआ सावन का पवित्र महीना, शनिवार से शुरू होने पर और भी हुआ ख़ास

जुलाई 28, 2018:  आज शनिवार से शिव जी के प्रिय महीने यानि सावन की शुरुआत हो रही है। इस बार सावन शनिवार को पड़ रहा है इसलिए इसे बेहद खास माना जा रहा है। यह दुर्लभ संयोग कई सालों के बाद देखने को मिल रहा है। वे लोग जिनकी शनि की साढ़े साती चल रही है उन्‍हें सावन के प्रथम दिवस पर रुद्राभिषेक अवश्य करना  चाहिए।

ज्‍योतिष के नजरिये से शनि न्याय के देवता हैं और कई जन्मों के पापों का प्रायश्चित करवाते हैं। वह भक्‍ती के पश्चात आराम देते हैं और कर्म के फल को भोग रूप में और दंड रूप में प्रदान करते हैं। वहीं, भगवान शिव कल्याणकारी माने गए हैं जो शनि के भी भगवान कहे जाते हैं।

यदि आप शनि के प्रकोप से पीड़ित हैं तो इस श्रावण माह के प्रथम दिन सच्चे मन से शिव जी से अपनी पीड़ा कहें। इससे वह आपकी पीड़ा जरूर सुनेंगे और उसे दूर करेंगे। आइये इस विषय पर जाने-माने ज्‍योतिष के जानकार सुजीत जी महाराज से जानते हैं कि इस महान संयोग का लाभ कैसे उठा सकते हैं।

शारीरिक कष्टों से दिलाएंगे मुक्‍ती- 

यदि जन्मकुंडली में शनि शारीरिक कष्ट इत्यादि दे रहे हैं तो आपको सावन के पहले ही दिन से शिव पूजा प्रारंभ कर देनी चाहिए।

शनि की साढ़े साती होगी दूर 

वे लोग जिनकी शनि की साढ़े साती है। या फिर धनु, वृश्चिक और मकर राशि वाले शनि की साढ़े साती से परेशान हैं तो, ऐसे लोग प्रथम दिवस रुद्राभिषेक अवश्य करें और शिवलिंग के सामने बैठकर शनि के बीज मंत्र का जप करें। इसके अलावा उन्‍हें सुंदरकांड का पाठ भी करना चाहिए।

तकनीकी शिक्षा से जुड़े लोग करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप 

शनि से बनने वाले मारकेश की स्थिति में आप महामृत्युंजय मंत्र के जप के साथ साथ शनि के बीज मंत्र का जप भी करें। शनिवार से प्रारंभ सोमवार एक वरदान है। शनि तकनीकी शिक्षा और विधि की शिक्षा का कारक ग्रह है। इस फील्ड से जुड़े जातक शिव पूजा करें तो उनको सफलता मिलेगी।

भगवान शिव बहुत दयालु और दानी हैं। श्रद्धा और समर्पण भाव से भगवान शिव को पूजिए। शनि भगवान शिव की आज्ञा का पालन करते हैं।

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