जानिए, अविवाहित जोड़ों को अकेले में समय बिताने के लिए कम खर्च वाले होटल

भारत में किसी अविवाहित जोड़े के लिए होटल में कमरा किराये पर लेना बेहद ही मुश्किल है। ज्यादातर मौकों पर होटल के रिसेप्शन पर बिना किसी सवाल-जवाब के ना ही सुनने को मिलता है। लेकिन इस समस्या का निपटाने का बीड़ा एक स्टार्टअप ने उठाया है।
आप अपने साथी के साथ कुछ वक्त गुजारना चाहते हैं मगर यह समझ नहीं पा रहे हैं कि कहां जाएं। कौन सी जगह का चुनाव करें जहां सुकून के कुछ पल बिता सकें, साथ ही वह निजी पल सुरक्षित भी हों। तो अब आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं। ऐसी मुश्किलों को सुलझाने के लिए भी कुछ स्टार्टअप आ गए हैं। ऐसे स्टार्टअप, जो एकाकी लम्हे गुजारने के लिए स्थान उपलब्ध करा रहे हैं।

भारत में भी अब गैर शादीशुदा प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए बजट फ्रेंडली होटल खुले हैं, जहां प्रेमी युगल बिना मॉरल पुलिसिंग के खतरे के प्राइवेसी में एक-दूसरे के साथ चंद घंटे बिता सकेंगे। दिल्ली के स्टार्टअप लवस्टे की शुरुआत 2016 में हुई थी। लवस्टे के संस्थापक सुमित आनंद का कहना है कि भारतीय संविधान के अनुसार ऐसा कोई नियम-कानून नहीं है, जो किसी भी बालिग प्रेमी-प्रेमिका को होटल में कमरा लेने से रोके और अगर दोनों के पास वैध सरकारी आई कार्ड है तो भारत का कोई कानून उन्हें रूम लेने के रास्ते में रोड़ा नहीं बन सकता।

इस तरह के होटलों में युगल को एक-दूसरे के करीब आने के लिए पूरी प्राइवेसी मुहैया कराई जाती है और तमाम सुविधाएं दी जाती हैं। इन होटलों में प्रेमी जोड़ों को रूम के अलावा कई विशेष सुविधाएं जैसे स्पेशल बर्थ-डे केक, लव-किट्स, फूल और दूसरे पारंपरिक गिफ्ट की रूम में ही डिलिवरी कराई जाती है। इन होटलों के रूम में ठहरने के लिए 12 घंटे के टैरिफ के आधार पर चार्ज किया जाता है।

लवस्टे होटलों की बुकिंग कराने के लिए केवल उनकी वेबसाइट पर जाना होगा। लवस्टे की ऐप या वेबसाइट लोकेशन पर तारीख और ठहरने का समय डालते ही होटलों की पूरी लिस्ट सामने आ जाएगी। रिजर्वेशन और पेमेंट की प्रक्रिया भी समान रूप से आसान है। यह होटल मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, अंबाला, ग्वालियर, हैदराबाद समेत 40 से ज्यादा शहरों में मौजूद हैं।

इश्क है कोई गुनाह नहीं
अमूमन जब भी प्रेमी-प्रेमिका किसी सार्वजनिक जगह पर मिलते-जुलते हैं, तो वहां मौजूद लोग उन्हें ऐसी नजरों से देखते (या कहें कि घूरते) हैं कि न चाहते हुए भी लड़के-लड़कियों की नजरें झुक जाती हैं। वे मन मसोसकर लोगों से छिपने-छिपाने का प्रयास करते हैं या फिर परेशान होकर वहां से चले जाते हैं। अगर कुछ जोड़े हिम्मत जुटाकर वहां बैठे भी रहें तो आस-पास गुजरने वालों की निगाहें, ताने और फब्तियां ऐसी होती हैं, जो उनकी रूह तक हिला देती हैं।

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