रक्षाबंधन: इस राहु काल में बहनें ना बांधे भाइयों को राखी, राखी का अर्थ हो सकता है व्यर्थ

21 अगस्त, 2018:  26 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 4 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। भद्रा का साया रक्षाबंधन के दिन पहले ही समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा रक्षाबंधन के दिन राजयोग भी बन रहा है। इसके अलावा  धनिष्ठा नक्षत्र भी इसी दिन लग रहा है। साथ ही इस बार पूर्णिमा में रक्षाबंधन ग्रहण से मुक्त रहेगा जिसके कारण बहनों के लिए यह पर्व बहुत सौभाग्यशाली रहेगा। राजयोग में राखी बांधने पर बहनों का सौभाग्य और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है और भाइयों  का भाग्य चमकता है।

 भद्रा का साया नहीं लेकिन राहुकाल में भूलकर ना बांधे राखी

ज्योतिष के अनुसार रक्षाबंधन पर कभी भी भद्राकाल में राखी नहीं बांधी जाती है। भद्राकाल में राखी  बांधने पर अशुभ प्रभाव होता है। इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा। राखी बांधने के लिए सुबह से शाम तक काफी समय मिलेगा। लेकिन इस बात का खास ख्याल रखना होगा जब राहु काल हो तब राखी ना बांधे।  26 अगस्त को शाम 4.30 से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा।


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