राशि अनुसार जानिए आपको नीलम रत्न धारण करना चाहियें या नहीं और धारण करने से क्या होंगे फायदे ?

नीलम शनि का रत्न है। हर किसी को इसका फायदा मिले ये जरूरी नहीं है। इस रत्न को पहनने से पहले अपनी कुंडली दिखवा लेनी चाहिए। कुंडली में शनि की स्थिति कैसी है ये देखकर ही नीलम पहनना चाहिए। इसके बुरे असर के कारण बीमारियां, आलस्य, झगड़े, धन हानि, नुकसान, कामकाज में रुकावटें आने लगती हैं और स्वभाव में रुखापन भी आ जाता है। वहीं इस रत्न के शुभ प्रभाव से अचानक बड़ा फायदा होता है। रुके काम पूरे हो जाते हैं। पद, प्रतिष्ठा और पैसा मिलता है। राजनीति में आगे बढ़ जाते हैं। कुछ लोग राशि के अनुसार इस रत्न को पहन लेते हैं लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं है। फिर भी आपको पता होना चाहिए कि कौन सी राशि वालों के लिए नीलम पहनना ठीक नहीं है।


राशि अनुसार जानिए आपके लिए नीलम शुभ है या अशुभ - 

मेष - मेष राशि का स्वामी मंगल होता है और शनि के साथ इसका शत्रुता का भाव होता है, ऐसे में इस राशि के लोगों को नीलम नहीं पहनना चाहिए। क्योंकि इसके कारण कामकाज में रुकावटें आती हैं और आगे बढ़ने के लिए कोई नया अवसर नहीं प्राप्त होता।

वृष - आपको नीलम धारण करने से पहले ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आपके स्वामी यानि शुक्र का शनि के साथ मित्रता का भाव है। नीलम का प्रभाव इस कदर होता है कि वो आपको पूरी ज़िंदगी का सर्वश्रेष्ठ समय दे सकता है क्योंकि नीलम शनि का रत्न होता है और शनि आपके लिए एक योगकारक ग्रह है।

मिथुन - यूं तो बुध व शनि आपस में मित्रता का भाव रखते हैं, बावजूद इसके भी आपको नीलम धारण करने से पहले कुंडली दिखवा कर ज्योतिषी की राय लेना बेहद ज़रूरी है। वैसे जिस दौरान शनि का गोचर आपकी राशि में हो, उसी समय आप नीलम पहन सकते हैं।

कर्क - जिस प्रकार मंगल शनि के साथ शत्रुता का भाव रखता है, उसी प्रकार शनि कर्क राशि के स्वामी चंद्र के साथ भी इसी प्रकार का संबंध रखता है। शनि का सप्तम व अष्टम भाव में स्थित होना अशुभ माना जाता है। इसलिए कर्क राशि के लोग भी कुंडली दिखाकर सावधानी से नीलम पहनें।

सिंह - सिंह राशि का स्वामी सूर्य शनि के साथ शत्रुता का भाव रखता है। इसी कारण सिंह राशि के लोग नीलम न पहने तो ही अच्छा है।

कन्या - कन्या राशि का स्वामी बुध शनि के साथ तटस्थ रहता है। ऐसे में ये रत्न धारण कर लेने से न तो फायदा होता है और ना ही कोई नुकसान। वैसे अगर आप चाहें तो शनि की अवधि सुधारने या अपनी स्थिति को मज़बूत बनाने के लिए ज्योतिषी सलाह से इसे धारण कर सकते हैं।

तुला - तुला राशि का स्वामी यानि शुक्र का शनि के साथ सौहार्दपूर्ण भाव रहता है, ऐसे में इस राशि के जातकों को ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए इस रत्न को पहनन सकते हैं।

वृश्चिक - शनि और मंगल के बीच शत्रुता का भाव होता है तो ऐसे में ये यह रत्न आपके लिए ठीक नहीं है। इस राशि वालों को कुंडली में शनि की स्थिति देखकर ही ये रत्न पहनना चाहिए।

धनु - धनु राशि का स्वामी बृहस्पति यानि गुरु व शनि आपस में सम भाव रखते हैं। इस राशि के लोगों को कुंडली में शनि की स्थिति दिखवाकर नीलम रत्न सोच-समझकर पहनना चाहिए।

मकर - इस राशि के स्वामी शनि स्वंय हैं, ऐसे में नीलम मकर राशि के जातकों के जीवन को पूरी तरह से खुशहाली से भर देता है और शुभता व लाभ की बौछार करता है। यह आपकी विद्रोहियों से भी रक्षा करता है। इसके बाद भी आपको कुंडली में शनि की स्थिति देखकर ये रत्न पहनना चाहिए।

कुंभ - नीलम रत्न उन लोगों के भाग्य में काफी बदलाव लाता है जो इस राशि के होते हैं और इस रत्न को धारण करते हैं। कारण यह है कि शनि आपके लिए वही करता है जो सबसे उत्तम होगा। आप राशि अनुसार ये रत्न पहन सकते हैं।

मीन - मीन राशि के स्वामी गुरु और शनि आपस में सम हैं। इसका अर्थ यह है कि इस राशि के लोगों को यह रत्न नहीं पहनना चाहिए वरना इससे आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

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