अपहरण के पीड़ित को आरोप पत्र में गवाह न बनाने पर डीजीपी उच्च न्यायालय में तलब

रांची, 26 सितंबर (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने अपरहण के एक मामले में पीड़ित को गवाह नहीं बनाने पर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने आरोपित लक्ष्मण सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया है। तीन अक्टूबर को डीजीपी को न्यायालय के समक्ष पेश होना है। हजारीबाग के सदर थाना में जनवरी 2013 में विकास कुमार साव के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरवरी 2013 में विकास कुमार साव को बरामद कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने विकास का बयान दर्ज किया और न्यायालय में भी उसका बयान दर्ज किया गया। जांच अधिकारी ने निचली अदालत में सौंपे आरोप-पत्र में पीड़ित विकास को गवाह नहीं बनाया। इस मामले में लक्ष्मण सिंह सहित 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़ित को गवाह नहीं बनाने पर नाराजगी जताई और कहा जांच अधिकारी की लापरवाही का फायदा आरोपितों को मिल सकता है। जिसके बाद अदालत ने डीजीपी को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई तीन अक्टूबर को होगी। लक्ष्मण सिंह ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उक्त आदेश पारित किया है।
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