आसिया बीबी की रिहाई पर इमरान का रुख आक्रामक : विपक्ष

इस्लामाबाद 01 नवंबर (वार्ता) पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर ईश निंदा की आरोपी आसिया बीबी को रिहाई के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना की और कहा कि राष्ट्र को संबोधित किये जाने के दौरान उनके रूख में काफी आक्रामकता नजर आयी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता खुर्शीद शाह ने कहा कि देश में इस समय जिस तरह अशांति का माहौल है , उस स्थिति में प्रधानमंत्री का बुधवार को संसद छोड़कर जाना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जिस समय राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे , उस दौरान उनकी भाव-भंगिमा 'आक्रामक' थी। श्री शाह ने कहा, " प्रधानमंत्री ने काफी आक्रामक भाषण दिया और उनकी भाव-भंगिमाओं से लग रहा था कि वह लड़ने के लिए तैयार हैं।" पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता साद रफिक ने कहा कि उनकी पार्टी मौजूदा परिस्थिति का कोई राजनीतिक लाभ नहीं उठाना चाहती , लेकिन राष्ट्रीय संस्थानों के खिलाफ धमकियां और टिप्पणियां को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। ईश निंदा के आरोप में पिछले आठ वर्षों से जेल में बंद आसिया बीबी को रिहाई के बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गये , जिससे उन पर अभी भी कट्टरपंथियों की ओर से जान का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के दक्षिणपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी) ने कार्यकर्ताओं ने लाहौर में पंजाब विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया जबकि कराची में भी सड़क जाम किया गया। टीएलपी के प्रमुख अफजल कादरी ने यहां तक कहा कि पाकिस्तान की न्याय प्रणाली में ईश निंदा की आरोपी आसिया बीबी के लिए स्वत: मौत की सजा का प्रावधान है। आसिया बीबी की मौत के लिए अब फैसला सुनाने वाले तीनों न्यायाधीश जिम्मेदार होंगे। ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखने वाली कृषक श्रमिक आसिया बीबी को अब अपने ही देश में व्यापक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उसे अब एक नयी पहचान और पति तथा बच्चों के साथ पाकिस्तान के बाहर एक नया जीवन शुरू करना होगा। इसके बावजूद आशिया बीबी पर अंतरराष्ट्रीय हत्या का खतरा हमेशा मंडराता रहेगा और वह इसी डर के साये में अपनी जिंदगी गुजारनी होगी।
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