ईशनिंदा मामला: पाकिस्तान में स्थिति सामान्य हुई

इस्लामाबाद, तीन नवम्बर (भाषा) पाकिस्तान में ईशनिंदा के मामले में एक ईसाई महिला को बरी किये जाने के फैसले के खिलाफ सैकड़ों कट्टरपंथियों के नेतृत्व में कुछ दिनों से हो रहे विरोध प्रदर्शनों के रूकने के बाद शनिवार को स्थिति सामान्य हो गई है। सरकार के साथ हुए समझौते के बाद मामला शांत हो गया है। आसिया बीबी (47) को पड़ोसियों से झगड़े के बाद इस्लाम की निंदा के लिए 2010 में सजा सुनाई गई थी। हालांकि वह खुद को बेकसूर बताती रही, लेकिन पिछले आठ साल में ज्यादातर समय उसने एकांत कारावास में बिताया। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद गत बुधवार को समूचे देश में प्रदर्शन शुरू हो गया था। इस्लामी राजनीतिक पार्टी तहरीक-ए-लबैक(टीएलपी) पाकिस्तान और अन्य समूहों की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख राजमार्गों और देश के विभिन्न भागों में सड़कों पर जाम लगाया। विरोध प्रदर्शन को वापस लिये जाने से पहले टीएलपी के प्रमुख खादिम हुसैन रिजवी ने अपने अनुयायियों से कहा,‘‘मैं उन सभी मुस्लिमों का आभारी हूं जिन्होंने पैगंबर मोहम्मद के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने के लिए अपनी भूमिका निभाई है।’’ समझौते के बाद ट्विटर पर पुलिस ने घोषणा की कि सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग सभी तरह के यातायात के लिए खुले हैं। हालांकि उन्होंने लोगों से ‘‘अस्थिर और अप्रत्याशित’’ स्थिति के मद्देनजर किसी भी गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया। पुलिस ने बताया कि पंजाब और अन्य स्थानों पर स्कूल खुल गये है और इंटरनेट सेवा बहाल हो गई है। इस बीच विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अपनी जान के खतरे की आशंका में आसिया बीबी का वकील शनिवार की तड़के पाकिस्तान से भाग गया और उसने सरकार से अपने परिवार की सुरक्षा किये जाने का आग्रह किया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार उसके वकील सैफुल मलूक ने दावा किया कि वकीलों के एक समूहों से वह जान के खतरे का सामना कर रहे है और इस तरह की स्थिति में उसके लिए प्रैक्टिस करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सेना उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराती है तो वह समीक्षा याचिका की सुनवाई के दौरान अपनी मुवक्किल की पैरवी करने के लिए पाकिस्तान लौटेंगे। मलूक ने कहा,‘‘मेरा परिवार भी गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है और संघीय सरकार को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए।’’ इस बीच मामले के शिकायतकर्ता कारी मोहम्मद सलाम ने उच्चतम न्यायालय से बीबी को बरी किये जाने संबंधी उसके 31 अक्टूबर के फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया। भाषा देवेंद्र प्रशांत
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com