मोदी का कांग्रेस को चैलेंज- अगर नेहरू की वजह से मैं प्रधानमंत्री बना तो…

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में शुक्रवार रैलियों का दिन है. बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता चुनावी बिगुल फूंकने के लिए मैदान में उतर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तीनों नेता अलग-अलग शहरों में रैलियां करेंगे.

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्रधानमंत्री की रैली

मध्यप्रदेश में चुनावी रैली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में रैली को संबोधित किया. इसके बाद वो मध्य प्रदेश के ग्वालियर और शहडोल में जहां रैलियों को संबोधित करेंगे.

अंबिकापुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली बार जब यहां आया था तो यहां के लोगों ने लालकिला बनाया था, उस रैली से दिल्ली वालों की नींद हराम हो गई थी. जिन्होंने अंबिकापुर को बदनाम किया है, उन्हें चुन-चुन इस बार जवाब देने का मौका है.

प्रधानमंत्री बोले कि राजदरबारियों को एक ही परिवार के गीत गाने का मौका मिला है, उन्हें अंबिकापुर के लोग ही जवाब दे सकते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सली बम-बंदूक से लोगों को डराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद छत्तीसगढ़ के लोगों ने भारी संख्या में मतदान किया.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार को हमेशा गरीबों के लिए काम करना चाहिए, हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर किसी के लिए काम किया है. जब अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड बनाया तो किसी तरह का आंदोलन नहीं हुआ, लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ तेलंगाना बनाया और इतना बड़ा हंगामा हुआ. जिससे आंध्र प्रदेश-तेलंगाना को काफी नुकसान हुआ. कांग्रेस को भाई-भाई में लड़ाई करवाए बिना चैन नहीं पड़ता है.

मोदी ने रैली में कहा कि जब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा था, तो दिग्विजय सिंह वहां के मुख्यमंत्री थे. दिग्विजय सिंह जिस काम के लिए छत्तीसगढ़ आते थे, उसके बारे में मैं बोल भी नहीं सकता वो तो लोगों को पता है. जब छत्तीसगढ़ बना तो अजीत जोगी सीएम बने, शुरुआती 3 साल में उनकी सरकार ने 60 फीसदी से अधिक वादों को खोल कर भी नहीं देखा.

निर्मल बाबा से की कांग्रेस की तुलना

प्रधानमंत्री बोले कि कांग्रेस का हाल टीवी पर आने वाले उस बाबा की तरह हो गया है जो कहते हैं कि दूध पीते हो, नहीं पीते तो पीना शुरू कर दो कृपा आनी शुरू हो जाएगी. मोदी ने कहा कि कांग्रेस भी ऐसे ही करती है वोट दो तो कृपा आनी शुरू हो जाएगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि अंग्रेज उनके नाम पर हिंदुस्तान करके गए हों, उनके परिवार की चार पीढ़ियों ने देश पर राज किया और आज हमसे हिसाब मांग रहे हैं.

कांग्रेस को प्रधानमंत्री ने दिया चैलेंज

PM बोले कि मैं तो हर रोज अपने चार सालों का हिसाब देता हूं. कांग्रेस वाले अभी भी आंसू बहाते हैं कि चायवाला देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया. उन्होंने कहा कि जब तक आप लोकतंत्र को नहीं समझोगे तो चायवाले को गाली देते रहोगे. उन्होंने कहा कि ये कह रहे हैं कि नेहरू की वजह से चायवाला प्रधानमंत्री बना, तो एक बार 5 साल के लिए अपने परिवार के बिना किसी को पार्टी का अध्यक्ष बनाकर दिखा दो.

प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी से किसी को दिक्कत नहीं हुई, सिर्फ एक ही परिवार रो रहा है. हम लुट गए, हम लुट गए... भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी. अगर आपने अपनी चार पीढ़ी में कुछ नहीं किया, तो हमसे क्यों पूछते हो कि तुमने चार साल में क्या किया.

वहीं, अमित शाह मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में चुनावी बिगुल फूकेंगे. इसके अलावा शाह सागर में चुनावी बैठक में भी हिस्सा लेंगे. जबकि राहुल गांधी रैली की शुरुआत सागर से करेंगे.

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री की कई रैलियां

पीएम मोदी अपना मध्य प्रदेश का 5 दिन का दौरा शुक्रवार से शुरू कर रहे हैं. वो पहली रैली शहडोल और इसके बाद ग्वालियर में जनसभा करेंगे. जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के लालपुर में उनकी सभा है.

इसके बाद पीएम रविवार को छिंदवाड़ा और इंदौर में सभा करेंगे. जबकि 20 नवंबर को झाबुआ और 4.05 बजे रीवा में, 24 नवंबर को मंदसौर और छतरपुर में जबकि 25 नवंबर को विदिशा और जबलपुर में जनसभा करेंगे.

राहुल गांधी भी मध्यप्रदेश के दौरे पर

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार को मध्यप्रदेश में भी रहेंगे. राहु सागर के देवरी विधानसभा क्षेत्र से अपना दौरा शुरू कर रहे हैं. राहुल गांधी दोपहर 1कांग्रेस प्रत्याशी और वर्तमान विधायक हर्ष यादव के पक्ष में रैली करेंगे. इसके बाद राहुल सिवनी ज़िले के बरघाट विधान सभा क्षेत्र में रैली करेंगे. इसके बाद राहुल मंडला में रैली करेंगे. वहीं अमित शाह लगातार दूसरे दिन भी प्रदेश में रहेंगे. वो बुंदेलखंड के टीकमगढ़ और  सागर में सभा को संबोधित करेंगे.

दिलचस्प बात ये है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में इस बार बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए काफी कड़ी टक्कर है. इस अंचल की 34 में से 20 सीटें बीजेपी के पास हैं जबकि 12 सीटें कांग्रेस के पास हैं. वहीं दो सीटों पर बीएसपी का कब्जा हैं.

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