पारा शिक्षक काम पर लौटें, बातचीत के लिए माहौल बनायें : भाजपा

रांची 27 नवंबर (वार्ता) झारखंड में स्थायीकरण और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मानदेय निर्धारित करने की मांग को लेकर आंदोलनरत जेल में बंद पारा शिक्षकों को बर्खास्त करने के सरकार के आदेश के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज शिक्षकों से काम पर लौटने का आह्वान करते हुये कहा कि वे सरकार से बातचीत के लिए वातावरण तैयार करें ताकि उनकी मांगों पर विचार किया जा सके। झारखंड भाजपा के अध्यक्ष एवं चाइबासा से सांसद लक्ष्मण गिलुआ ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी पारा शिक्षकों से बातचीत करने के पक्ष में है लेकिन अच्छे वातावरण में ताकि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर सके। उन्होंने कहा कि राज्य की रघुवर सरकार ने पारा शिक्षकों की उचित मांगों को पूरा करने के लिए कई आवश्यक कदम उठाये हैं। श्री गिलुआ ने कहा कि सरकार पहले ही पारा शिक्षकों के मानदेय में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का निर्णय ले चुकी है। साथ ही उनके कल्याण के लिए गठित कोष की राशि भी बढ़ाकर दस करोड़ रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पारा शिक्षकों को मातृत्व अवकाश एवं आकस्मिक अवकाश की सुविधा दी जा रही है। वहीं, सरकारी शिक्षक की बहाली में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित रखी गई है। इससे राज्य के 10 हजार पारा शिक्षक लाभान्वित होंगे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पारा शिक्षकों को विज्ञापन के आधार पर जबकि झारखंड में ग्राम सभा की अनुशंसा के आधार पर नियोजित किया जाता है। ऐसे में पार शिक्षकों को स्थायी सरकारी कर्मचारी के रूप में नियुक्त करना कठिन है। उन्होंने कहा कि झारखंड अकेला ऐसा राज्य है, जहां पारा शिक्षकों को काफी सविधाएं दी जाती हैं।
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