प्रेमिका को ढूंढते-ढूंढते पहुंचा पाकिस्तान, 6 साल बाद किया रिहा आज लौटेंगे हिंदुस्तान

पाकिस्तान की जेल में छह साल तक रहने वाले भारतीय युवक हामिद निहाल अंसारी की सजा की अवधि शनिवार को पूरी हो चुकी है। मंगलवार को वह भारत वापस लौटेंगे। नवंबर 2012 में पाकिस्तान के कोहाट में अंसारी को हिरासत में लिया गया था।

अंसारी साल 2012 में ऑनलाइन दोस्ती के बाद लड़की से अवैध तरीके से मिलने पाकिस्तान पहुंचे थे। वह अफगानिस्तान से पाकिस्तान में अवैध रूप से दाखिल हो गए थे। पाकिस्तान में उन्हें भारतीय जासूस और पाक विरोधी अपराध करने वाला कहा गया। मुंबई के रहने वाले हामिद निहाल अंसारी को पाकिस्तान की जेल में तीन साल की सजा सुनाई गई थी। वह पेशावर की सेंट्रल जेल में कैद थे।

उनके माता-पिता लंबे समय से अपने बेटे की रिहाई की मांग कर रहे थे।अंसारी के पास मैनेजमेंट साइंस की डिग्री है और लापता होने से कुछ दिन पहले ही मुंबई के कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी लगी थी। अंसारी की मां फैजिया अंसारी मुंबई में हिंदी की प्रोफेसर और कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल हैं और पिता निहाल अंसारी बैंकर हैं।

वह उसी लड़की से मिलने पाकिस्तान पहुंचे थे, जिससे उनकी ऑनलाइन दोस्ती हुई थी। अवैध रूप से घुसने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया और पाकिस्तानी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया। उनपर फर्जी पाकिस्तानी आईडी कार्ड रखने का भी आरोप लगा और 15 दिसंबर, 2015 को तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता जतिन देसाई ने एक न्यूज वेबसाइट से कहा कि हामिद पाकिस्तान जाने के लिए अड़े थे। उन्होंने कई बार वीजा के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल सका। कोहाट की एक लड़की से उनकी दोस्ती हुई थी। वीजा न मिलने के बाद उन्होंने कोहाट के स्थानीय लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया। जतिन पाकिस्तान और भारत के बीच कैदियों के लिए काम करते हैं।

हाल ही में पाकिस्तान के कोर्ट ने इस मामले में सरकार को आदेश दिया था कि भारतीय कैदी की सजा के पूरे होते ही उसकी देश वापसी की जाए। जितनी भी औपचारिकताएं हैं, उन्हें महीनेभर में पूरा किया जाए।

अंसारी को छह साल तक जेल में रहने के बाद पाकिस्तान की जेल से आजादी मिलेगी। उनके वकील ने 15 दिसंबर को उसकी सजा पूरी होने के बाद 16 दिसंबर को रिहाई की अपील की थी। वकील ने पेशावर हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई है कि संघीय सरकार ने अंसारी की रिहाई को लेकर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस रूहल अमीन और जस्टिस कलंदर अली खान ने की। उन्होंने गुरुवार को हैरानी जताई की सरकार की ओर से रिहाई को लेकर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। जिसके बाद अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को जानकारी देते हुए कहा कि कैदी की रिहाई से संबंधित दस्तावेज अभी तक तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि दस्तावेज तैयार होने तक कैदी को एक महीने तक कैद में रखा जा सकता है।

सरकार का जवाब सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि एक महीने के भीतर अंसारी की रिहाई से संंबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएं और वाघा बॉर्डर पर उन्हें भारतीय अफसरों के हवाले किया जाए।

हामिद निहाल अंसारी की आज रिहाई होगी। उनकी मां का कहना है, "वह एक अच्छे इरादे के साथ गया था लेकिन लापता हो गया और बाद में उसे पकड़ा गया और आरोप लगाए गए। उसे बिना वीजा के नहीं जाना चाहिए था। उसकी रिहाई मानवता के लिए जीत है।"

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