पाकिस्तान में बढ़ती जनसंख्या को लेकर सख्त हुयी सुप्रीम कोर्ट

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने देश की बढ़ती जनसंख्या से जुड़े एक मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार, सामाजिक संगठनों और धार्मिक नेताओं को इस समस्या से निपटने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया। तीन सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति उमर अता बंदियाल और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसान भी शामिल हैं। पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने तेजी से बढ़ती जनसंख्या को लेकर गत वर्ष जुलाई में भी इससे जुड़े एक मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ती जनसंख्या को देश के प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव बताते हुए कहा कि जनसंख्या विस्फोट के मुद्दे से निपटने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने की जरुरत है। वर्ष 2017 की जनगणना के अनुसार पाकिस्तान की आबादी 20 करोड़ 77 लाख से अधिक है। चीन, भारत, अमेरिका और इंडोनेशिया के बाद पाकिस्तान दुनिया का पांचवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है। सुप्रीम कोर्ट ने जनसंख्या विस्फोट को आने वाली पीढ़ियों के लिए हानिकारक बताते हुए कहा कि जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए देश को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
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