करतारपुर कॉरिडोर: पाक ने भारत को ड्राफ्ट भेजा, कहा- प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए जल्द भेजें प्रतिनिधिमंडल

पाकिस्तान ने सोमवार को भारत से करतारपुर कॉरिडोर का ड्राफ्ट एग्रीमेंट शेयर किया। साथ ही कहा कि प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए भारत जल्द अपना प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद भेजे। 26 नवंबर को भारत और 28 नवंबर को पाक ने अपनी-अपनी तरफ बनने वाले कॉरिडोर का शिलान्यास किया था। भारत में गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से पाक सीमा तक कॉरिडोर बनाया जाएगा।
पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त को ड्राफ्ट एग्रीमेंट सौंपा गया। प्रस्तावित समझौते के मुताबिक- भारतीय सिख तीर्थयात्री नरोवाल स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा की यात्रा कर सकेंगे। यह गुरुद्वारा गुरदासपुर बॉर्डर से 4 किमी दूर है।
मोहम्मद फैसल के मुताबिक- कॉरिडोर बनाया जाना पाक की उस नीति का समर्थन करता है जिसमें हर धर्म के साथ सौहृार्द्र बनाए रखने की बात कही गई है। पाक के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने भी पड़ोसी मुल्कों से साथ शांतिपूर्ण संबंध रखने की बात कही थी।
पाक ने अपने तरफ के करतारपुर कॉरिडोर पर नजर रखने के लिए पाक ने महानिदेशक (दक्षिण एशिया और सार्क) को नियुक्त किया है। उसने भारत से भी इससे संबंध अफसर नियुक्त करने की बात कही है। फैसल ने करतारपुर मसले पर भारत से प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रतिनिधिमंडल जल्द इस्लामाबाद भेजने की अपील की है।
फैसल ने ट्वीट किया- "हमने भारत के साथ करतारपुर कॉरिडोर का ड्राफ्ट एग्रीमेंट शेयर किया है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल को हम इस्लामाबाद आमंत्रित करते हैं ताकि समझौते पर बात की जा सके। हमने वादा निभाया। पाक की तरफ के कॉरिडोर का काम जारी है।"
पिछले साल 26 नवंबर को गुरदासपुर में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भारत की तरफ बनने वाले कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी। 28 नवंबर को नरोवाल में पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने देश में बनने वाले कॉरिडोर की नींव रखी थी। इसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, हरसिमरत कौर बादल और नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हुए थे।
भारत ने 20 साल पहले इस कॉरिडोर को बनाने का प्रस्ताव दिया था। हाल ही में दोनों देशों ने इस कॉरिडोर को बनाने पर सहमति जताई। यह गलियारा गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक स्थान से इंटरनेशनल बॉर्डर तक बनाया जाएगा। भारत में इस कॉरिडोर का करीब दो किलोमीटर का हिस्सा और पाकिस्तान में करीब 3 किलोमीटर का हिस्सा होगा। इसके निर्माण में करीब 16 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। 4 महीने में इसे बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने के बाद भारतीय सिखों को करतारपुर जाने के लिए वीजा की बजाय परमिट लेना होगा।
गुरुनानक देव जी ने करतारपुर साहब में अपने जीवन के 18 साल बिताए थे। यह भारत की सीमा से कुछ किलोमीटर अंदर पाकिस्तान की सीमा पर है। इस कॉरिडोर के बन जाने से लाखों सिख तीर्थयात्रियों को पवित्र स्थान पर जाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, अभी यहां पर भारत की सीमा पर खड़े होकर दूरबीन की मदद से गुरुद्वारा के दर्शन की सुविधा है। पाक इस साल नवंबर में गुरुनानक देव जी की 550वीं जयंती पर करतारपुर खोले जाने की प्रतिबद्धता जता चुका है।
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com