जीरो लाइन पर फंसे रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश ने वापस भारत भेजा: BSF

भारत और बांग्लादेश के बीच त्रिपुरा स्थित जीरो लाइन पर फंसे 31 रोहिंग्या मुसलमान परिवारों को बॉर्डर गॉर्ड्स बांग्लादेश(बीजीबी) ने वापस भारत भेज दिया है. शुक्रवार से ही ये अवैध प्रवासी भारत और बांग्लादेश के बीच फंसे हुए हैं. बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को बताया कि बांग्लादेश की सीमा के भीतर गए बांग्लादेशियों को वहां के सुरक्षाबलों ने वापस भारत भेज दिया.
बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा, 'इस समूह के पास यूएनएचसीआर शरणार्थी कार्ड की दो फोटोकॉपियां मिलीं हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक पूछताछ में यह नहीं बताया कि वे जीरो लाइन तक कैसे पहुंचे.'
बीएसफ का मानना है कि यह समूह पहले जम्मू रोहिंग्या कैंप से होते हुए त्रिपुरा पहुंचा. बांग्लादेश में इस समूह के परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं. बांग्लादेश जाने से पहले यह समूह कुछ दिन तक त्रिपुरा में भी रुका. इन सदस्यों में नाबालिग और बच्चे भी शामिल हैं.
प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है बांग्लादेश के जंगलों में प्रवेश करते वक्त बीजीबी ने उन्हें पकड़ लिया. कुछ समूह वहीं अलग हो गए. जिसके बाद गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशियों को भारत भेज दिया गया. बीएसएफ ने मंगलवार को सभी 31 रोहिंग्या सदस्यों को त्रिपुरा पुलिस को सौंप दिया था. बीजीबी उन्हें अपनी सीमा में नहीं आने दे रही थी.
इन रोहिंग्या घुसपैठियों पर अब भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन की कोशिश करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा.
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