पिछले दिनों कश्मीरी छात्रों के साथ जो हुआ वो देश में नहीं होना चाहिए था : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के टोंक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवानों के इंतकाम का बदला लेने की बात कही, तो दूसरी ओर उन्होंने आतंकवाद को फैलाने के लिए पाकिस्तान को निशाने पर लिया। गौरतलब है कि बीते 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। टोंक और सवाई माधोपुर की धरती से सबसे पहले मैं पुलवामा में बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करता हूं। मैं इन वीर सपूतों को जन्म देने वाली माताओं और उनके पूरे परिवार को कृतज्ञ राष्ट्र की तरफ से फिर से अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मुझे अपने वीर जवानों पर गर्व है जिन्होंने 100 घंटे के भीतर ही अपने साथियों पर हुए हमले के एक बड़े गुनहगार को वहां पहुंचा दिया, जहां उसकी जगह है। दुनिया की हर बड़ी संस्था आज पुलवामा में हुए आतंकी हमले के खिलाफ एकजुट है। सीमा पर डटे सैनिकों पर, मोदी सरकार पर और मां भवानी के आशीर्वाद पर भरोसा रखिए, इस बार सबका हिसाब पूरा होगा। आपका ये प्रधानसेवक दुनियाभर में आतंकियों का दाना पानी बंद करने में जुटा है। दुनिया में तब तक शांति संभव नहीं है, जब तक आतंक की फैक्ट्रियां चलती रहेंगी। आतंक की फैक्ट्रियों पर ताला लगाने का काम मेरे ही हिस्से लिखा है, तो ऐसा ही सही। ये बदला हुआ हिंदुस्तान है, ये दर्द सरकार चुपचाप नहीं सहेगी, ये दर्द सहकर हम चुपचाप नहीं बैठेंगे, हम आतंक को कुचलना भी जानते हैं। ये नई रीति और नई नीति वाला भारत है। घाटी में पिछले दो साल में एक भी स्कूल को आग के हवाले नहीं किया गया, कश्मीरी लोग भी आतंकवाद को खत्म करना चाहते है :मोदी हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है। मानवता के दुश्मनों के लिखाफ है। हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, कश्मीरियों के खिलाफ नहीं है। पिछले वर्ष अमरनाथ यात्रा में घायल हुए लोगों को रक्त देने के लिये कश्मीरी लोग लाइन बनाकर खड़े थे। आज प्रत्येक हिंदुस्तानी देश की सेना के साथ है, देश की भावनाओं के साथ है, लेकिन मुझे मुट्ठी भर उन लोगों पर अफसोस होता है, जो भारत में रहते हुए पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। ये वही लोग हैं जो पाकिस्तान जाकर कहते हैं, कुछ भी करो लेकिन मोदी को हटाओ, ये वही लोग हैं जो मुंबई हमले के बाद आतंक के सपरस्तों को जवाब देने की हिम्मत नहीं दिखा पाए। ऐसे लोग न देश के जवान के हैं और न ही देश के किसान के। पाकिस्तान में नई सरकार बनने पर मैंने प्रोटोकॉल के तहत उन्हें फ़ोन करके बधाई दी थी और कहा था की हम बहुत लड़ चुके, आओ मिलकर गरीबी और अशिक्षा के खिलाफ लड़े। उन्होंने कहा की मोदी जी मैं पठान का बच्चा हूं, कभी झूठ नहीं बोलता। आज उनके शब्दों को कसौटी पर तौलने का वक़्त है।
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