वर्ल्ड कप से पहले सामने आई टीम इंडिया की चार कमजोरियां, क्या ऐसे बनेंगे चैंपियन?

दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में खेले गए पांचवें और आखिरी मैच में भारतीय टीम को 35 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ भारत ने पांच मैचों की वन-डे सीरीज 2-3 से गंवा दी। बता दें कि इस मैदान पर भारत ने 21 साल बाद ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त खाई है। वर्ल्ड कप से पहले ही इस हार ने टीम इंडिया की चार कमियों को उजागर कर दिया है।र में टीम इंडिया चौथे नंबर पर लगातार परेशान हैं. ऐसे में उन्हें भी मौका मिल सकता है.
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के बाद चौथे नंबर पर एक मजबूत बल्लेबाजा का न होना टीम इंडिया की मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी को कमजोर बनाता है। कुछ वक्त तक ऐसा माना जा रहा था कि अंबाती रायुडू इस नंबर पर बेहतर कर सकते हैं, लेकिन हालिया सीरीज में उनके खराब प्रदर्शन ने टीम की कमजोरियां उजागर कर दी।
भारतीय स्पिनर टीम इंडिया की सबसे बड़ी मजबूती हैं। कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने पिछले दो साल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन हमारे दो भारतीय स्पिनर अपनी ही सरजमीं पर कंगारू लेग स्पिनर एडम जांपा से हार गए। इस सीरीज में उन्होंने 11 विकेट चटकाए। युजवेंद्र चहल ने तो इस सीरीज में सिर्फ एक ही मुकाबला खेला उसमें भी उन्होंने 80 रन लुटा दिए।
टीम इंडिया की जीत का दरवाजा बड़ी ओपनिंग साझेदारी के बिना खुलना मुश्किल है, ऐसे में रोहित शर्मा और शिखर धवन को अपनी जिम्मेदारी समझनी होंगी और वर्ल्ड कप में खुद को साबित करते हुए बड़े स्कोर करने होंगे। खासतौर पर शिखर धवन जो लगातार फ्लॉप होने के बाद एक बड़ा धमाका करके शांत हो जाते हैं, उन्हें संयम बरतना होगा।
भारत का पेस बॉलिंग अटैक भी इस टूर्नामेंट में काफी सुस्त नजर आया। खासतौर पर स्विंग स्पेशलिस्ट भुवनेश्वर कुमार ने तो काफी निराश किया है। सिर्फ जसप्रीत बुमराह या मोहम्मद शमी के दम पर ही हर बार मैच जीतना मुमकिन नहीं है।
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