समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस की सुनवाई फिर टली, पाकिस्तानी महिला की गवाही पर होना था फैसला

बहुचर्चित समझौत एक्सप्रेस ब्लास्ट केस की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। आज एनआईए की विशेष अदालत में पाक महिला की गवाही पर फैसला होना था। सुनवाई दोपहर बाद शुरू हुई, क्योंकि वकीलों की हड़ताल चल रही है। सुनवाई के दौरान राहिला वकील की याचिका पर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। अब सुनवाई 20 मार्च को होगी। बता दें मामले की पिछली सुनवाई में इस केस में फैसला आने की संभावना थी, लेकिन पाकिस्तानी महिला राहिला वकील नाम ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। महिला ने इस मामले में नए सबूत होने का दावा किया था।

महिला ने हाईकोर्ट में भी दी याचिका
पंचकूला की एनआईए अदालत में लंबित समझौता ब्लास्ट मामले की चश्मदीद पाकिस्तानी महिला राहिला वकील ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले में कोई भी फैसला सुनाने से पहले उसे सुनवाई का मौका दिए जाने की मांग की है। यह याचिका शुक्रवार को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दायर कर दी गई है, जिस पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई कर सकता है।
पाकिस्तान के हाजियाबाद की राहिला वकील ने यूपी के महरूफ के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि वह इस पूरी घटना की चश्मदीद है लेकिन अभी तक इस मामले में उसका पक्ष सुना ही नहीं गया। यह केस पंचकूला की एनआईए कोर्ट में चल रहा है और केस का ट्रायल पूरा हो चुका है। ऐसे में इस केस की पारदर्शिता और सही ट्रायल के लिए उसका पक्ष सुना जाना बेहद ही जरूरी है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि एनआईए कोर्ट को आदेश दिया जाए कि बिना उसका पक्ष सुने अंतिम फैसला न सुनाए।

महिला ने हाईकोर्ट में भी दी याचिका
पंचकूला की एनआईए अदालत में लंबित समझौता ब्लास्ट मामले की चश्मदीद पाकिस्तानी महिला राहिला वकील ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले में कोई भी फैसला सुनाने से पहले उसे सुनवाई का मौका दिए जाने की मांग की है। यह याचिका शुक्रवार को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दायर कर दी गई है, जिस पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई कर सकता है।
पाकिस्तान के हाजियाबाद की राहिला वकील ने यूपी के महरूफ के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि वह इस पूरी घटना की चश्मदीद है लेकिन अभी तक इस मामले में उसका पक्ष सुना ही नहीं गया। यह केस पंचकूला की एनआईए कोर्ट में चल रहा है और केस का ट्रायल पूरा हो चुका है। ऐसे में इस केस की पारदर्शिता और सही ट्रायल के लिए उसका पक्ष सुना जाना बेहद ही जरूरी है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि एनआईए कोर्ट को आदेश दिया जाए कि बिना उसका पक्ष सुने अंतिम फैसला न सुनाए।

एनआईए कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार नहीं
याचिकाकर्ता ने बताया है कि इस केस में मुआवजे के लिए रेलवे ट्रिब्यूनल में केस चल रहा था। जहां उसे दिसंबर 2016 में उचित मुआवजा मिल चुका है। अब उसे पता चला है कि इस मामले में पंचकूला की एनआईए कोर्ट में भी केस चल रहा है जिसका ट्रायल पूरा होने वाला है। पहले उसे इस केस के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में इस घटना के मृतकों और पीड़ितों को सही न्याय मिल सके उसके लिए अब याचिकाकर्ता के बयान रिकॉर्ड करवाया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनकी इस मांग को पंचकूला की एनआईए कोर्ट स्वीकार करने को तैयार नजर नहीं आ रही। कहा जा रहा है कि इस केस को लंबा खींचने के उद्देश्य से इस तरह की अर्जी दायर की जा रही है।

यह है मामला
18 फरवरी 2007 को भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुए थे। यह रेल दिल्ली से पाकिस्तान के लाहौर जा रही थी। विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले के सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुए थे। विस्फोट और उसके बाद लगी आग में 68 व्यक्तियों की मौत हो गई थी तथा 13 अन्य घायल हो गए थे। मरने वालों में 10 भारतीय नागरिक थे। इस ब्लास्ट के सभी आरोपियों के खिलाफ पंचकूला की एनआईए की विशेष अदालत में मामला चल रहा है।
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