लोकसभा चुनाव 2019: पहली बार नारीशक्ति के हाथों में होगी चुनाव की बागडोर

लोकसभा चुनाव की सफलता की बागडोर इसबार महिलाओं के हाथों में होगी। पहली बार बड़ी संख्या में महिलाएं चुनाव कार्य में हिस्सा ले रही हैं। जिले की 3970 महिलाओं को पीठासीन पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी वन, मतदान पदाधिकारी टू व मतदान पदाधिकारी तृतीय बनाया गया है। इसके अलावा गश्ती दल पदाधिकारी एवं माइक्रो आब्जर्वर की जिम्मेदारी भी महिलाओं को भी दी गई है। सबसे अधिक 2318 महिलाओं को मतदान पदाधिकारी प्रथम बनाया गया है।

महिला पदाधिकारी को लगाये जाने से वोट प्रतिशत बढ़ने की संभावना
पहली बार चुनाव में इतनी महिलाओं को लगाये जाने से इस बार वोट प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। महिलाओं को प्रत्येक बूथ पर विभिन्न पदों पर लगाये जाने से यह साफ हो गया है कि अब चुनाव शांतिपूर्ण होने लगा है और महिलाएं व आम मतदाता भय मुक्त होकर मतदान में भाग लेंगे। हालांकि इससे पूर्व के चुनाव में कुछ बूथों पर बुरके वाली महिला मतदाताओं को पहचान के लिए पर्दानशी महिलाओं को लगाया गया था। लेकिन इसबार के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की अधिकाधिक जिम्मेदारी दी गई है।

408 महिलाएं बनीं पीठासीन पदाधिकारी
जिले के विभिन्न बूथों पर तैनाती के लिए 408 महिलाओं को पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं 2318 महिलाओं को मतदान पदाधिकारी प्रथम, 1059 महिलाओं को मतदान पदाधिकारी द्वितीय तथा 126 महिलाओं को मतदान पदाधिकारी तृतीय बनाया गया है। इसके अलावा 32 महिला को गश्ती दल पदाधिकारी एवं 27 महिला को माइक्रो ऑब्जर्वर की भी जिम्मेदारी दी ग्ई है।

सभी महिलाकर्मियों को दी जा रही ट्रेनिंग
चुनाव कार्य में लगाये जाने वाले सभी महिलाकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। अलग-अलग टीम को अलग-अलग दिन व पालियों में प्रशिक्षण कार्य जारी है। खासकर बूथों पर पुरुष कर्मी के साथ महिला कर्मी को कार्य में कोई झिझक न हो इसलिए पुरुष कर्मी के साथ ही महिला कर्मी को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

12315 पुरुष व महिला मतदान कर्मी
लोकसभा चुनाव की सफलता के लिए जिले के 12315 पुरुष व महिला कर्मी को विभिन्न पदों की जिम्मेदारी दी गई है। जिसमें 8345 पुरुष कर्मी हैं तो वही 3970 महिला कर्मी शामिल हैं।

27 बूथों पर सभी चुनाव कर्मी रहेंगी महिलाएं
इसबार के लोकसभा चुनाव में जिले के 27 बूथ ऐसे बनाये जा रहे हैं, जिन बूथों पर सभी कर्मी महिलाएं ही होंगी। बूथ की सुरक्षा से लेकर मतदान की सफल कार्यों का निपटारा महिला कर्मी के ही द्वारा ही किया जाएगा। ऐसे बूथ खासकर शहरी क्षेत्र में होंगे।

प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने वाली 36 महिला कर्मी से शोकाज
चुनाव प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने वाली 36 महिला चुनाव कर्मी से शोकाज पुछा गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम शैलजा शर्मा ने प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कुल 42 कर्मी से शोकाज पूछा है। इसमें सबसे अधिक महिला कर्मी है। चुनाव को लेकर चुनाव कर्मी को तिथि वार प्रशिक्षण शुरू है। ईवीएम व वीवीपैट की जानकारी सभी महिला व पुरुष कर्मियों को दी जा रही है।

जिले में 604309 महिला मतदाता
जिले में इसबार छह लाख चार हजार 309 महिला मतदाता हैं। तीन विधान सभा महिषी, सहरसा, सोनवर्षा मधेपुरा लोक सभा क्षेत्र तथा सिमरी बख्तियारपुर विधान सभा खगड़िया लोकसभा में पड़ता है।
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