कौन है तौहीद जमात संगठन, श्रीलंका सीरियल ब्लास्ट में जिस पर जा रहा शक

श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए बम धमाकों में एक मुस्लिम संगठन तौहीद जमात का नाम सामने आया है. दरअसल इस संगठन का नाम इस सीरियल ब्लास्ट में इसलिए उभर रहा है, क्योंकि भारत समेत कुछ खुफिया विदेशी एजेंसियों ने श्रीलंका को इस संगठन के बारे में चेतावनी दी थी. श्रीलंका में ईस्टर के दिन आठ जगहों पर बम धमाके हुए, जिसमें तीन चर्च और तीन पांच सितारा होटल शामिल हैं. इन धमाकों में मरने वालों की संख्या 200 के ऊपर हो चुकी है और ये बढ़ती जा रही है. 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं. अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन खुफिया एजेंसियों द्वारा इस संगठन का नाम पहले ही लिये जाने से शक की सुई इसकी ओर घूम रही है. इस संगठन ने तोड़ी थीं भगवान बुद्ध की मूर्तियां माना जाता है कि ये श्रीलंका के कट्टरपंथी मुस्लिमों का संगठन है, जिसके तार तमिलनाडु से भी जुड़े हैं. ये श्रीलंका में पिछले साल भी चर्चाओं में आया था, जब उस पर भगवान बौद्ध की मूर्तियां तोड़ने का आरोप लगा था. इसे तौहीद-ए-जमात भी कहा जाता है. ये संगठन 2014 में दुनिया के सामने आया जब इस संगठन के सेक्रेटरी अब्दुल रैजिक ने बौद्ध धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए. उन्हें 2016 में हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. तौहीद जमात को श्रीलंका में रहने वाले बौद्ध समुदाय के लोगों के खिलाफ माना जाता है. कई बार भगवान बुद्ध की मूर्तियां तोड़ने और उन्हें बम लगाकर उड़ाने का आरोप भी इस संगठन पर लगता आया है. भारत के तमिलनाडु में भी इस संगठन की बड़ी सक्रियता मानी जाती है. नेशनल तौहीद जमात पर वहाबी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने का भी आरोप लगा है. हालांकि श्रीलंका के कुछ मुस्लिम इस संगठन का विरोध भी करते रहे हैं. प्रतिबंध की बात भी हुई थी 2014 में पीस लविंग मुस्लिम्स इन श्रीलंका यानी PLMMSL ने इस संगठन पर प्रतिबंध भी लगवाना चाहा. इसके लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार, श्रीलंका के राष्ट्रपति और अन्य कई राजनयिकों को पत्र तक लिखा. इसमें कहा गया कि नेशनल तौहीद जमात देश में असहिष्णुता फैलाने के साथ-साथ इस्लामिक आंदोलनों से अस्थिरता फैलाना चाहता है. तमिलनाडु तौहीद जमात से क्या जुडा़व है श्रीलंका के नेशनल तौहीद जमात के रिश्ते लंबे समय से तमिलनाडु तौहीद जमात से जोड़े जाते रहे हैं, जो खुद को गैर सियासी इस्लामिक संगठन कहता है. इस संगठन के बारे में विकीपीडिया पर कहा गया कि भारत में इसकी स्थापन 2004 में हुई. इसका दावा है कि वो मुस्लिमों और गैर मुस्लिमों को सच्चे इस्लाम के बारे में बताना चाहता है और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय है. इसके संपर्क कई देशों के मुस्लिम संगठनों से हैं. तमिलनाडु सरकार पुरस्कृत भी कर चुकी है तमिलनाडु में ये कई बार विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन करता रहा है, जिसमें बाबरी मस्जिद ढांचे का पुनर्निर्माण, शराब की दुकानें हटानें जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं. हालांकि ये राज्य में कई बरसों से रक्तदान करने के कारण तमिलनाडु सरकार से पुरस्कृत भी हो चुका है. पिछले साल श्रीलंका में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा गौरतलब है कि पिछले साल श्रीलंका में जगह जगह मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा हुई थी, जिसमें उन्हें निशाना बनाया गया था. इसमें इस समुदाय के लोगों को काफी नुकसान हुआ था और कई लोग मारे भी गए थे. इसके बाद से श्रीलंका के मुस्लिमों के बीच इसे लेकर नाराजगी बैठी हुई थी.
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com